J. Krishnamurti's Teachings Online in Indian Languages (Hindi, Punjabi, Gujarati, Marathi, Bengali etc.)



I have to study a boring book.


Question: I have to study a boring book. I don’t find any interest in it, yet I cannot but study it. How am I to create an interest in it?

मुझे एक उबाऊ पुस्तक पढ़नी पड़ रही है |


प्रश्न : मुझे एक उबाऊ पुस्तक पढ़नी पड़ रही है | हालांकि मुझे उसमें बिलकुल रूचि नहीं है फिर भी मुझे उसे पढ़ना पड़ रहा है | मैं उसमें अपनी रूचि कैसे जगाऊँ?

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Peace


A lovely morning! Did you notice the blue sky? How extremely limpid it is, clear, very quiet! Did you notice the river this morning? There was no ruffle on it, and the sun early in the morning, how peaceful it was!

शांति


एक सुहावनी सुबह! क्या आपने नीले आकाश को देखा? यह कितना पारदर्शी, निर्मल और नीरव है! क्या आज सुबह आपने नदी को देखा? कोई लहर तक नहीं थी, और भोर में आपने सूरज को देखा होगा, वह कितना शांत था |

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Question: What are manners?


Krishnamurti: Did you listen to what I was saying previous to your question, or were you so concerned with your question that you did not listen to what I was saying?

शालीन व्यवहार क्या है?


कृष्णमूर्ति : आपके प्रश्न से पहले मैं जो कह रहा था क्या उसे आपने ध्यान से सुना, या आप अपने प्रश्न में इतना डूबे थे कि मैं जो कह रहा था उसे सुन ही नहीं पाए?

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Anger Can Be Self-importance


Anger has that peculiar quality of isolation; like sorrow, it cuts one off, and for the time being, at least, all relationship comes to an end. Anger has the temporary strength and vitality of the isolated. There is a strange despair in anger; for isolation is despair.

क्रोध आत्म-महत्ता से संबंधित है


दुःख की भ्रान्ति क्रोध में भी अलग-थलग कर देने की वह विशेष क्षमता है जो व्यक्ति को सब से काट देती है, और कम से कम कुछ समय के लिए सभी संबंध समाप्त ही हो जाते है | यह क्रोध अलग-थलग व्यक्ति का अस्थायी शक्ति-स्रोत, उसका बल बन जाता है | क्रोध में एक विचित्र प्रकार की हताशा होती है, क्योंकि अलगाव हताशा ही तो होता है |

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