J. Krishnamurti's Teachings Online in Indian Languages (Hindi, Punjabi, Gujarati, Marathi, Bengali etc.)



Ignorance Is Lack of Self-Knowledge


Ignorance is lack of knowledge of the ways of the self, and this ignorance cannot be dissipated by superficial activities and reforms; it can be dissipated by one's constant awareness of the movements and responses of the self in all its relationships.

आत्म परिचय का अभाव ही अज्ञान है


अपने अहं की गतिविधियों से अनभिज्ञ होना ही अज्ञान है | यह अज्ञान सतही कार्यकलापों और सुधारों से दूर नहीं किया जा सकता है | इसे तो अहं के सभी संबंधों में उसकी गतिविधियों और प्रतिक्रियाओं के प्रति अनवरत सजगता द्वारा ही दूर जा सकता है |

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प्राक्कथन


प्राक्कथन

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मन ज्ञात है|


मन ज्ञात है| ज्ञात वह है जिसका अनुभव हम कर चुके हैं | उसी माप से हम अज्ञात को जानने का प्रयास करते हैं| किन्तु यह बात स्पष्ट है की ज्ञात कभी अज्ञात को नहीं जान सकता; यह केवल उसी को जान सकता है जिसका अनुभव इसने किया है, जो इसने सीखा है, संचित किया है | क्या मन अज्ञात को जानने की अपनी असमर्थता के सत्य को देख सकता है?

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Habit


For several days we have been talking about fear and the various causes that bring about fear. I think one of the most difficult things, which most of us do not seem to apprehend, is the problem of habit. You know, most of us think that when we are young, we should cultivate good habits as opposed to bad habits, and we are told all the time what bad habits are and what good habits are; we are always told of habits that are worthwhile cultivating, and the habits which we should resist or put away.

आदत


पिछले कुछ दिनों से हम भय और उन विभिन्न कारणों पर बातचीत करते आ रहे हैं जो भय को जन्म देते हैं | ...... हममें से अधिकतर लोग यही मानते हैं कि अपनी छोटी उम्र में ही हमें बुरी आदतों के स्थान पर अच्छी आदतों को अपना लेना चाहिए और हमें लगातार यह बताया जाता है कि बुरी आदतें क्या है और अच्छी आदतें क्या हैं |

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