J. Krishnamurti's Teachings Online in Indian Languages (Hindi, Punjabi, Gujarati, Marathi, Bengali etc.)







Envy


I do not know if you have found that fear is a very strange thing. Most of us have fear of some kind or another, and it lurks behind so many forms, it hides behind so many virtues.

ईर्ष्या


भय कितनी विचित्र चीज़ है, पता नहीं आपने कभी ऐसा महसूस किया है कि नहीं | हममें से अधिकांश किसी-न-किसी प्रकार के भय से ग्रस्त रहते हैं और भय अपने आपको कई रूपों में छिपाए रहता है, यह अनेक सद्गुणों की आड़ में छुपा रहता है |

Read more >>

Love Cannot Be Thought About


You can think about a person whom you love, but you can-not think about love. Love cannot be thought about; though you may identify yourself with a person, a country, a church, the moment you think about love, it is not love—it is merely mentation...

प्रेम के विषय में सोचा नहीं जा सकता


आप उस व्यक्ति के बारे में सोच सकते हैं जिसे आप प्रेम करते हैं, परंतु आप प्रेम के बारे में नहीं सोच सकते | प्रेम को सोचा नहीं जा सकता | भले ही किसी व्यक्ति, किसी देश, किसी पूजास्थल के साथ आप अभिन्नभाव रखते हों, परंतु जिस पल आप प्रेम के बारे में सोचते हैं वह प्रेम होता ही नहीं है -- वह तो केवल एक मानसिक प्रक्रिया होती है...

Read more >>

Fear Prevents Psychological Freedom


So our first problem, our really essential problem, is to be free from fear. You know what fear does? It darkens the mind. It makes the mind dull. From fear there is violence. From fear there is worship of something.

भय मानसिक स्वतंत्रता में बाधक होता है


अतः हमारी प्राथमिक समस्या, हमारी वास्तविक और अपरिहार्य समस्या है भय से मुक्त होना | क्या आप जानते है की भय करता क्या है? यह मन को अंधकारमय कर देता है, उसे कुंद कर देता है | भय से हिंसा उपजती है | किसी की पूजा भय के कारन ही की जाती है |

Read more >>    top of page ↑

Family and Society: Relationship or Exclusion?


The family is against society; the family is against human relationship as a whole. You know, it is like living in one part of a big house, in one little room, and making an extraordinary thing of that one little room, which is the family. The family has only importance in relation tothe whole of the house. As that one room is in relation to the whole of the house, so is the family in relation to the whole of human existence.

परिवार और समाज : रिश्ता या अलगाव ?


परिवार समाज-विरुद्ध होता है, परिवार कुल मिलकर मानव-संबंधों के विरुद्ध होता है | देखिये, यह एक विशाल भवन के एक हिस्से में एक कक्ष में रहने जैसा है -- इसी को परिवार कहते है | परिवार का एकमेव महत्व उस सम्पूर्ण भवन के साथ सम्बन्ध से है | उस एक कक्ष का जो संबंध उस पूरे भवन से है, वही संबंध परिवार का संपूर्ण - मानव जाती से है |

Read more >>    top of page ↑

Is it right


Question: Is it right that fame comes after death?
Krishnamurti: Do you think that the villager who dies will have fame afterwards?


क्या यह सही है


प्रश्न : क्या यह सही है कि मनुष्य के मरने के पश्चात ही उसका यश फैलता है?
कृष्णमूर्ति : क्या आपको लगता है कि एक ग्रामीण कि मृत्यु के उपरांत उसका यश फैलता है?

Read more >>    top of page ↑