J. Krishnamurti's Teachings Online in Indian Languages (Hindi, Punjabi, Gujarati, Marathi, Bengali etc.)



Fear Prevents Psychological Freedom


So our first problem, our really essential problem, is to be free from fear. You know what fear does? It darkens the mind. It makes the mind dull. From fear there is violence. From fear there is worship of something.

भय मानसिक स्वतंत्रता में बाधक होता है


अतः हमारी प्राथमिक समस्या, हमारी वास्तविक और अपरिहार्य समस्या है भय से मुक्त होना | क्या आप जानते है की भय करता क्या है? यह मन को अंधकारमय कर देता है, उसे कुंद कर देता है | भय से हिंसा उपजती है | किसी की पूजा भय के कारन ही की जाती है |

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Why Do We Want to Change?


First of all, why do we want to change what is, or bring about a transformation? Why? Because what we are dissatisfies Us; it creates conflict, disturbance; and disliking that state, we want something better, something nobler, more idealis-tic. So, we desire transformation because there is pain, discomfort, conflict.

हम परिवर्तन करना क्यों चाहते है?


हम 'जो है' उसे बदलना या उसका रूपांतरण करना क्यों चाहता है? क्यों? क्योंकि हम जो है, वह हम असंतुष्ट करता है इससे द्वंद्व और विक्षोभ उत्पन्न होता है, और इस स्थिती को नापसंद करते हुए हम कुछ बेहतर, कुछ श्रेष्टतर, कुछ अधिक आदर्शपूर्ण स्थिती चाहते है | अब क्योंकि 'जो है' में पीड़ा है, बेचैनी है, द्वंद्व है, अतः हम परिवर्तन चाहते है |

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Is God An Invention?


What would you say if you were not conditioned by your religion, by your fears; what would you say about God? Of course, God is a marvellous investment—you can preach about God and you will make a lot of money—as they are doing.

क्या मनुष्य ने ईश्वर को गढ़ लिया है?


इसे आप क्या कहेंगे, यदि आप अपने धर्म, अपने भय के द्वारा अनुकूलित नहीं होते तो आप भगवान के बारे में क्या कहते? जी हां, बिलकुल, भगवान एक आश्चर्यजनक निवेश है--आप भगवान के बारे में प्रवचन कर सकते हैं और इससे आप बहुत अधिक धन कमाँ लेंगे-- जैसे की लोग कर रहे हैं |

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Meditation Means to Pay Attention


Not to seek any form of psychological security, any form of gratification,
requires investigation, constant watchfulness to see how the mind operates, and surely that is meditation, is it not?

ध्यान का अर्थ है अवधान


किसी भी प्रकार की मनोवैज्ञानिक सुरक्षा की, किसी भी तरह के तुष्टीकरण की चाहना न हो, इसके लिए दरकार होती है मन कैसे काम करता है इसका गहन अवलोकन करने की, सतत सजगता की; और निश्चित ही यही ध्यान है, है न?

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