J. Krishnamurti's Teachings Online in Indian Languages (Hindi, Punjabi, Gujarati, Marathi, Bengali etc.)



शाश्वत का अन्वेषण


क्या मन अपनी समस्त अंतर्वस्तुओं को, अपने निषेधों, प्रतिरोधों को, अपनी अनुशासनात्मक गतिविधिओं को, सुरक्षा के लिए किये जा रहे अपने विविध प्रयत्नों को, जो इसकी सोच को संस्कारित और सीमित बना देते हैं – इन सब को समझकर मन एक एकीकृत प्रक्रिया के रूप में शाश्वत का अन्वेषण करने के लिए मुक्त हो सकता है? क्योंकि उस अन्वेषण के बिना, उस यथार्थ अनुभव के अभाव में हमारी सारी समस्याएं और उनके हल हमें और अधिक तबाही की ओर ले जायेंगे |

Read more >>

पहले-पहल क्या है?


प्रश्न: क्या बिना मनुष्य से प्रेम किए कोई सत्य से प्रेम कर सकता है? बिना सत्य से प्रेम किए क्या कोई मनुष्य से प्रेम कर सकता है? पहले-पहल क्या है?

Read more >>

What Is the Basis for Right Action?


First of all, why do we want to change what is, or bring about a transformation? Why? Because what we are dissatisfies us; it creates conflict, disturbance; and disliking that state, we want something better, something nobler, more idealistic. So, we desire transformation because there is pain, discomfort, conflict.

सम्यक क्रिया का आधार क्या है ?


जो है उसे हम बदलना क्यों चाहते है, रूपांतरित करना क्यों चाहते है? क्यों? क्योंकि हम जो है उससे हम असंतुष्ट रहते है | इससे द्वंद्व और विक्षोभ पैदा होता है | और, इस अवस्था को नापसंद करने के कारन हम कुछ बेहतर, कुछ उत्कृष्ट और अधिक आदर्शपूर्ण की चाहत करने लगते है | अतः इस पीड़ा, बेचैनी और द्वंद्व के चलते हम बदलाव चाहते है |

Read more >>    top of page ↑

The Purpose of Education


I think it is very important to find out for ourselves what the function of education is. There have been so many statements, so many books, so many philosophies and systems that have been invented or thought of by so many people, as to what the purpose of education is, what we live for.

शिक्षा का उद्देश्य


मैं सोचता हूं कि यह बहुत महत्त्वपूर्ण है कि हम स्वयं ही यह पता लगाएं कि शिक्षा का क्या कार्य है| शिक्षा का उद्देश्य क्या है, हम किस लिए जी रहे हैं, इस बारे में अनेक तरह कि बातें हैं, कितनी ही पुस्तकें हैं, कितने ही दार्शनिक सिद्धांतों और पद्धतियों का आविष्कार किया गया है और कितने ही लोगों ने इस पर विचार किया है

Read more >>    top of page ↑