J. Krishnamurti's Teachings Online in Indian Languages (Hindi, Punjabi, Gujarati, Marathi, Bengali etc.)



यह महत्त्वपूर्ण है


देखिए, जैसा कि मैंने उस दिन कहा था, वक्ता महत्वपूर्ण नहीं है, पर वह क्या कहता है, यह महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि वह जो कुछ कह रहा है, वह आपके ही आत्म-वार्तालाप का उच्चस्वर है | वक्ता जिन शब्दों का प्रयोग कर रहा है, उनके द्वारा आप अपने आप को ही सुन रहे हैं, न कि वक्ता को, और इसीलिए सुनना अत्यधिक महत्वपूर्ण हो जाता है |

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I would like to repeat


I would like to repeat that we are not trying to convince you of anything - that must be clearly understood. We are not trying to persuade you to accept a particular point of view. We are not trying to impress you about anything; nor are we doing any propaganda. We are not talking about personalities, or who is right and who is wrong, but rather trying to think out, to observe, together, what the world is and
what we are, what we have made of the world and what we have made of ourselves. We are trying together to examine both the inward and the outward man.

मैं फिर से दोहराना चाहूंगा


मैं फिर से दोहराना चाहूंगा कि हम आपसे किसी भी बात को मनवाना नहीं चाहते -- आपको यह पूर्णतः सपष्ट रूप से समझ लेना होगा | किसी विशिष्ट दृष्टिकोण को अपनाने के लिए आपको राज़ी करने की चेष्टा हम नहीं कर रहे हैं | किसी भी बात के बारे में आपको प्रभावित करना भी हम नहीं चाहते | और न ही हम कोई प्रचार कर रहे हैं | हम किन्हीं महापुरुषों की बात भी नहीं कर रहे हैं, और न ही कौन सही कौन गलत इस पर विचार-विमर्श कर रहे हैं | हम तो सब मिलकर यह पता करना चाह रहे हैं, देखना चाह रहे हैं कि यह संसार क्या है और हम क्या हैं, हमने इस विश्व को क्या बना दिया है और अपने-आपको क्या बना दिया है | हम सब साथ-साथ मनुष्य के भीतरी तथा बाहरी दोनों रूपों की जांच करना चाहते हैं |

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धर्म की सार्थकता के प्रश्न पर मैं बात करना चाहूँगा


धर्म की सार्थकता के प्रश्न पर मैं बात करना चाहूँगा, ताकि हम सिर्फ इसकी शाब्दिक व्याख्या तक सीमित न रह कर इसे गेहनत से समझ सकें | परंतु इससे पहले कि हम इस प्रश्न में गहराई से उतरें, हमें इस बारे में एकदम स्पष्ट होना होगा कि धार्मिक मन क्या है तथा मन की वह क्या अवस्था है, जो यथार्थपरक ढंग से धर्म के संपूर्ण प्रश्न की जांच-पड़ताल करती है ।

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Comparison


You know we were discussing yesterday, if you remember, the question of fear. Most of us are afraid of something or other, and if we can eliminate fear, get rid of it, perhaps we can create a different world altogether.

तुलना


आपको याद होगा कि कल हम लोग भय पर चर्चा कर रहे थे | हममें से अधिकांश लोग किसी-न-किसी चीज़ से भयभीत हैं और यदि हम भय को मिटा सकें, उससे छुटकारा पा सकें तो शायद हम मिलकर भिन्न प्रकार के विश्व का निर्माण कर सकते हैं |

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